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…तो इसलिए अमेरिका ने अफगानिस्तान पर गिराया अपना सबसे बड़ा गैर परमाणु बम

गृहयुद्ध की आग में झुलसे अफगानिस्तान में खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के साथ लड़ाई के दौरान अमेरिकी विशेष सुरक्षा बल के एक कमांडर की मौत होने के बाद अमेरिका ने यह विनाशकारी बम गिराया है. अमेरिका ने अपने कमांडर की मौत के बाद आईएस को नेस्तनाबूत करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया.

अमेरिका सेना के मुताबिक अफगानिस्तान के नंगारहर प्रांत में हाल ही में आईएस के हमले में अमेरिका के विशेष सुरक्षा बल ‘ग्रीन बेरेट’ के कमांडर की जान चली गई थी. बताया जा रहा है कि अमेरिका ने इस घटना के बाद इतना बड़ा कदम उठाया है. यह डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से उठाया गया सबसे बड़ा कदम है.

शनिवार को अमेरिकी विशेष सुरक्षा बल के सार्जेंट 37 वर्षीय मार्क डी एलनकार की आईएस से लड़ाई के दौरान मौत हो गई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में गैर परमाणु बम ‘GBU-43’ गिराए जाने की तारीफ की है. वहीं, एलनकार के परिजनों ने अमेरिका की ओर से बम गिराए जाने पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने अमेरिका के इस कदम को सर्वोत्तम करार दिया है. एलनकार अपने पीछे पत्नी और पांच बच्चों को छोड़ गए हैं. हालांकि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने इसकी कड़ी आलोचना की है.

अब उत्तर कोरिया को सबक सिखाएंगे ट्रंप
सीरिया पर मिसाइल दागने और अफगानिस्तान में गैर परमाणु बम गिराने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया को सबक सिखाने के मूड में हैं. अफगानिस्तान पर बम गिराने के बाद उन्होंने साफ कहा कि उत्तर कोरिया एक समस्या है, जिसको खत्म किया जाएगा. उत्तर कोरिया की ओर से फिर से परमाणु बम और मिसाइल परीक्षण करने की अटकलों के बीच ट्रंप का यह बयान सामने आया है. इससे पहले अमेरिकी जंगी बेड़ा भी कोरियाई प्रायद्वीप भेजा गया, लेकिन उत्तर कोरिया के कड़े तेवर के चलते अमेरिका ने अभी तक उसके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया है. उत्तर कोरिया ने भी परमाणु हमले की चेतावनी दी है. ऐसे में अमेरिका अफगानिस्तान में अपना सबसे बड़ा गैर परमाणु बम गिराकर यह साफ संदेश देना चाहता है कि वह उत्तर कोरिया को भी नहीं बख्शेगा.

 

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